जय कश्यप नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन,
त्रिभुवन तिमिर निकन्दन भक्त हृदय चन्दन ॥ जय...
सप्त अश्व रथ राजित, एक चक्रधारी ।
दुःख हर्ता सुख कर्ता, मानव हितकारी ॥ जय...
सुर मुनि भूसुर वन्दित, विमल विभवशाली ।
अघ दल दलन दिवाकर, दिनमणि अति न्यारी ॥ जय...
कनक बदन कुण्डल मकर, मुकुट छवि न्यारी ।
उर पर हार निहारी, कर में अति प्यारी ॥ जय...
ॐ जय कश्यप नन्दन, ॐ जय अदिति नन्दन,
त्रिभुवन तिमिर निकन्दन, भक्त हृदय चन्दन ॥