भद्रा वह अवधि है जब विष्टि करण (सातवाँ आवर्ती करण) प्रबल होता है। विष्टि सूर्य-पुत्री भद्रा द्वारा शासित है। भद्रा काल में शुभ कार्यों का आरंभ वर्जित है; प्रत्येक अवधि भद्रा मुख (मुखड़ा) और भद्रा पुच्छ (पूँछ) उप-कालों में विभक्त होती है।
बुधवार, 2 सितंबर 2026
तिथि: कृष्ण पक्ष सप्तमी
04:26 am → 03:28 pm
11h 1m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
04:26 am – 06:17 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
02:22 pm – 03:28 pm
रविवार, 6 सितंबर 2026
तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी
08:42 am → 07:30 pm
10h 48m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
08:42 am – 10:30 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
06:25 pm – 07:30 pm
बुधवार, 9 सितंबर 2026
तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
12:31 pm → 11:30 pm
10h 59m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
12:31 pm – 02:21 pm
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
10:24 pm – 11:30 pm
सोमवार, 14 सितंबर 2026
तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्थी
07:21 pm → 07:45 am
12h 24m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
07:21 pm – 09:25 pm
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
06:30 am – 07:45 am
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
तिथि: शुक्ल पक्ष अष्टमी
01:01 pm → 02:14 am
13h 13m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
01:01 pm – 03:13 pm
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
12:55 am – 02:14 am
मंगलवार, 22 सितंबर 2026
तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी
08:56 am → 09:44 pm
12h 48m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
08:56 am – 11:04 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
08:27 pm – 09:44 pm
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026
तिथि: पूर्णिमा
11:07 pm → 10:47 am
11h 40m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
11:07 pm – 01:04 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
09:37 am – 10:47 am
मंगलवार, 29 सितंबर 2026
तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया
06:14 am → 05:11 pm
10h 57m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
06:14 am – 08:03 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
04:05 pm – 05:11 pm