भद्रा वह अवधि है जब विष्टि करण (सातवाँ आवर्ती करण) प्रबल होता है। विष्टि सूर्य-पुत्री भद्रा द्वारा शासित है। भद्रा काल में शुभ कार्यों का आरंभ वर्जित है; प्रत्येक अवधि भद्रा मुख (मुखड़ा) और भद्रा पुच्छ (पूँछ) उप-कालों में विभक्त होती है।
गुरुवार, 2 जुलाई 2026
तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया
10:32 pm → 11:21 am
12h 49m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
10:32 pm – 12:40 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
10:04 am – 11:21 am
सोमवार, 6 जुलाई 2026
तिथि: कृष्ण पक्ष सप्तमी
01:48 pm → 01:41 am
11h 54m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
01:48 pm – 03:47 pm
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
12:30 am – 01:41 am
गुरुवार, 9 जुलाई 2026
तिथि: कृष्ण पक्ष दशमी
09:32 pm → 08:16 am
10h 44m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
09:32 pm – 11:19 pm
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
07:12 am – 08:16 am
रविवार, 12 जुलाई 2026
तिथि: कृष्ण पक्ष चतुर्दशी
10:30 pm → 08:40 am
10h 10m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
10:30 pm – 12:12 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
07:39 am – 08:40 am
शुक्रवार, 17 जुलाई 2026
तिथि: शुक्ल पक्ष चतुर्थी
05:30 pm → 04:43 am
11h 13m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
05:30 pm – 07:22 pm
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
03:36 am – 04:43 am
सोमवार, 20 जुलाई 2026
तिथि: शुक्ल पक्ष अष्टमी
04:03 am → 04:35 pm
12h 32m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
04:03 am – 06:09 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
03:20 pm – 04:35 pm
शुक्रवार, 24 जुलाई 2026
तिथि: शुक्ल पक्ष एकादशी
10:23 pm → 11:35 am
13h 11m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
10:23 pm – 12:35 am
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
10:15 am – 11:35 am
मंगलवार, 28 जुलाई 2026
तिथि: पूर्णिमा
06:20 pm → 07:15 am
12h 56m
भद्रा मुख (मुखड़ा)
06:20 pm – 08:29 pm
भद्रा पुच्छ (पूँछ)
05:58 am – 07:15 am