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ॐ
VedPanchang
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জগন্নাথ স্বামী আৰতি
জগন্নাথ স্বামী আৰতি
ভগৱান জগন্নাথ
দেৱনাগৰী
লিপ্যন্তৰ
ইংৰাজী অৰ্থ
কপি কৰক
कदाचित् कालिन्दी तट विपिन सङ्गीत कवरो मुदा गोपी नारी वदन कमलास्वाद मधुपः । रमा शम्भु ब्रह्मामरपति गणेशार्चित पदो जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥ भुजे सव्ये वेणुं शिरसि शिखिपिच्छं कटितटे दुकूलं नेत्रान्ते सहचर कटाक्षं च विदधत् । सदा श्रीमद्वृन्दावन वसति लीला परिचयो जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥ रथारूढो गच्छन् पथि मिलित भूदेव पटलैः स्तुति प्रादुर्भावं प्रतिपदमुपाकर्ण्य सदयः । दया सिन्धुर्बन्धुः सकल जगतां सिन्धु सुतया जगन्नाथः स्वामी नयन पथ गामी भवतु मे ॥
পূৰ্বৱৰ্তী
আৰতি ছাই বাবা
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জগন্নাথ স্বামী আৰতি — Lyrics in Hindi & English | Panchang